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ससुर ने कांग्रेस बहू ने आम आदमी पार्टी को कहा अलविदा दोनों अब 18 नवंबर को इनेलो में होंगे शामिल

ससुर ने कांग्रेस बहू ने आम आदमी पार्टी को कहा अलविदा दोनों अब 18 नवंबर को इनेलो में होंगे शामिल

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भिवानी से हरियाणा के पूर्व मंत्री डॉ. वासुदेव शर्मा ने कांग्रेस और उनके पुत्रवधू इंदू शर्मा ने आम आदमी पार्टी छोड़ दी है। ससुर बहू दोनों ही 18 नवंबर को भिवानी में एक रैली के दौरान इनेलो में शामिल होंगे।
कांग्रेस पार्टी छोड़ने के कारणों को लेकर पूर्व मंत्री डॉ. वासुदेव शर्मा ने कहा कि कांग्रेस अब पार्टी न होकर एक फर्म बन गई। जिसमें न तो किसी कार्यकर्ता की बात सुनी जाती है और न किसी नेता की। आपसी फूट और खींचतान अपने चरम पर है।

वहीं पार्टी छोड़ने के बाद आम आदमी पार्टी की नेता इंदु शर्मा ने कहा कि आम आदमी पार्टी छोड़ने का मुख्य कारण एसवाईएल रहा है। हरियाणा में जो हालात हैं, इसके लिए यह चाहिए था कि आम आदमी पार्टी पहल करती और अपने छोटे भाई हरियाणा को पानी देने के लिए मदद करती। लेकिन आम आदमी पार्टी ने इस सिलसिले में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।

जिसके कारण हरियाणा के लोगों में रोष है। इंदु शर्मा ने कहा कि मैंने एक साल पहले विधानसभा का चुनाव लड़ा तो वे जहां भी गई तो वहां एसवाईएल का मुद्दा उनके सामने आया। लोगों ने कहा कि आम आदमी पार्टी से आप चुनाव तो लड़ रही हैं, लेकिन वोट किस मुंह से मांग रही हैं। एसवाईएल के मुद्दे पर कभी भी आम आदमी पार्टी ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। जिसे लेकर लोगों में रोष है, वहां ज्यादा लंबी लड़ाई नहीं लड़ सकते। इसलिए आप को अलविदा कहने का निर्णय लिया।

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उन्होंने कहा कि भाजपा ने इस प्रदेश का बेड़ा गर्क कर दिया। चाहे कानून व्यवस्था की बात हो या शिक्षा और स्वास्थ्य की। चाहे किसान की बात हो, खेतों में पानी भरा हुआ है और सरकार कुछ नहीं देख रही। इस सराकर को उखाड़ने में मैं नहीं समझता कि कांग्रेस सक्षम है। सभी बातों के विचार विमर्श के लिए मीटिंग की और लंबे-चौड़े विचार विमर्श के बाद हम इस फैसले पर पहुंचे कि कांग्रेस पार्टी में रहना उचित नहीं है।

मजदूर, कमेरे, छोटे दुकानदार की आशा इनेलो

आगे की रणनीति को लेकर पूर्व मंत्री डॉ. वासुदेव शर्मा ने कहा कि हमें अपना हित नहीं देखना जनता का हित देखना है। जहां तक हरियाणा के किसान की बात है, इसके बारे में मैं समझता हूं कि मजदूर, कमेरा, छोटा दुकानदार आदि आम आदमी आज एक आशा भरी किरण इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय चौटाला में आती है। वे चौधरी देवीलाल की उंगली पकड़कर हरियाणा विधानसभा की सीढ़ियों पर चढ़ा था। आज किसान, मजदूर और आम आदमी की कोई बात करने वाला है तो वह इनेलो में शामिल है।

18 को इनेलो में होंगे शामिल

इनेलो सुप्रीमो अभय चौटाला 15 अक्टूबर को भिवानी पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पूर्व मंत्री डॉ. वासुदेव शर्मा के आवास पर जाकर मुलाकात की थी। इसके बाद से ही वासुदेव शर्मा के इनेलो में शामिल होने की चर्चाएं शुरू हो गई थी। अब उन्होंने कांग्रेस पार्टी छोड़ दी है। वहीं 18 नवंबर को वे रैली करके इनेलो में शामिल होंगे। इसका फैसला डॉ. वासुदेव शर्मा ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करके लिया है।

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परिवार इकट्ठा हो गया

ससुर और बहू अलग-अलग पार्टी में होने को लेकर लोगों में भी यह चर्चा का विषय बना रहा कि ससुर एक पार्टी में है और बहू अलग पार्टी में। अब परिवार इकट्ठा हो गया है।

इंदु शर्मा का सियासी सफर

इंदु शर्मा ने 2021 में आम आदमी पार्टी ज्वाइन की। इसके बाद 2022 में AAP से भिवानी नगर परिषद के चेयरमैनी के लिए चुनाव लड़ा। वहीं 2024 में AAP के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा। लेकिन दोनों चुनाव में हार का सामना करना पड़ा।

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वासुदेव शर्मा का राजनीतिक सफर

पूर्व मंत्री डॉ. वासुदेव शर्मा वर्ष 1982 में गांव के सरपंच बने थे। इसके बाद 1984 में वे ब्लॉक समिति के चेयरमैन बने। वहीं 1986 में उन्होंने जनता दल ज्वाइन की। साल 1987 में उन्होंने मुंढाल विधानसभा चुनाव लड़ा। जीते और हरियाणा सरकार में स्पोर्ट्स सहित अन्य मंत्रालय के मंत्री भी रहे। इसके बाद उन्होंने 1993 में कांग्रेस पार्टी ज्वाइन की। 2000 में उन्होंने कांग्रेस पार्टी से पूर्व सीएम बंसीलाल के खिलाफ विधानसभा का चुनाव लड़ा। लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा और दूसरे स्थान पर रहे। इसके बाद वे 2004 में कांग्रेस छोड़कर इनेलो में शामिल हो गए। वहीं 2009 में उन्होंने इनेलो पार्टी के टिकट पर भिवानी विधानसभा से चुनाव लड़ा। इस चुनाव में उनकी हार हुई और वे तीसरे स्थान पर रहे। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2012-13 में वापस कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कर ली। अब फिर से कांग्रेस पार्टी को अलविदा कह दिया।

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